कैसे काम करता है
हर महीने स्टेटमेंट में टोटल अमाउंट ड्यू और मिनिमम अमाउंट ड्यू (MAD) दिखते हैं। पूरा बिल ड्यू डेट तक चुकाने पर ख़रीदारी पर 20–50 दिनों की ब्याज-मुक्त अवधि मिलती है।
अगर आप पूरा बिल नहीं चुकाते, तो ब्याज हर ट्रांज़ैक्शन की तारीख़ से लगता है और नई ख़रीदारी पर भी ब्याज-मुक्त अवधि नहीं मिलती।
शुल्क
- फ़ाइनेंस चार्ज — अक्सर लगभग 3–3.75 % प्रति माह (40 % से अधिक सालाना)।
- GST — ब्याज और शुल्कों पर 18 %।
- कैश निकासी — शुल्क और पहले दिन से ब्याज।
- लेट पेमेंट फ़ीस और CIBIL स्कोर पर असर।
- वार्षिक शुल्क — कई कार्ड ख़र्च के आधार पर माफ़।
मिनिमम ड्यू का जाल
उदाहरण: ₹50,000 बकाया, 42 % सालाना ब्याज पर, हर महीने सिर्फ़ 5 % (कम से कम ₹200) चुकाने पर इसे चुकाने में लगभग 17 साल लगेंगे और ब्याज ₹1.1 लाख से ज़्यादा होगा (GST अलग)। ₹5,000 महीना देने पर कर्ज़ लगभग 13 महीने में ख़त्म और ब्याज लगभग ₹12,600।
SMARTPRO में बकाया और दर डालें और अलग-अलग भुगतान पर समय और लागत देखें।
अंतर
| शर्त | संभावित अंतर |
|---|---|
| वार्षिक शुल्क | लाइफ़टाइम फ़्री या शुल्क सहित। |
| रिवॉर्ड | कैशबैक, पॉइंट, लाउंज। |
| EMI रूपांतरण | ब्याज और प्रोसेसिंग शुल्क। |
सुझाव
- ऑटो-डेबिट से पूरा बिल चुकाएँ।
- कार्ड से कैश न निकालें।
- लिमिट का 30 % से कम इस्तेमाल करें।
यह सामग्री सामान्य जानकारी के लिए है, प्रकाशन की तारीख़ पर भारत में लागू नियमों का वर्णन करती है और वित्तीय, कानूनी या कर सलाह नहीं है। नियम और बैंकों की शर्तें बदलती रहती हैं — हमेशा अपना लोन एग्रीमेंट, Key Fact Statement और RBI जैसे आधिकारिक स्रोत देखें।