कार लोन क्या है
गाड़ी ख़रीदने के लिए लोन, जिसमें गाड़ी बैंक के पास हाइपोथिकेशन में रहती है — यह RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट) पर दर्ज होता है। लोन चुकने तक आप बैंक की सहमति के बिना गाड़ी नहीं बेच सकते।
मुख्य बातें
- कार लोन अक्सर फ़िक्स्ड रेट पर होते हैं; अवधि 1–7 साल।
- ऑन-रोड क़ीमत का 80–100 % तक फ़ाइनेंस मिल सकता है।
- डीलर के ज़रिए मिले लोन में प्रोसेसिंग फ़ीस और ऐड-ऑन जुड़ सकते हैं।
- फ़िक्स्ड रेट लोन जल्दी बंद करने पर फ़ोरक्लोज़र शुल्क लग सकता है (देखें प्रीपेमेंट गाइड)।
बीमा
थर्ड-पार्टी मोटर बीमा क़ानूनन अनिवार्य है। बैंक लोन अवधि में कॉम्प्रिहेंसिव बीमा माँगते हैं, जिसमें बैंक हाइपोथिकेशन के लिए दर्ज होता है।
अंतर
| शर्त | संभावित अंतर |
|---|---|
| ब्याज दर | क्रेडिट स्कोर, नई/पुरानी कार। |
| शुल्क | प्रोसेसिंग, दस्तावेज़। |
| फ़ोरक्लोज़र | शुल्क और लॉक-इन अवधि। |
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चेकलिस्ट
- पहले गाड़ी की क़ीमत तय करें, फिर फ़ाइनेंस।
- KFS में APR और कुल राशि देखें।
- लोन बंद होने पर बैंक से NOC और Form 35 लेकर RC से हाइपोथिकेशन हटवाएँ।
यह सामग्री सामान्य जानकारी के लिए है, प्रकाशन की तारीख़ पर भारत में लागू नियमों का वर्णन करती है और वित्तीय, कानूनी या कर सलाह नहीं है। नियम और बैंकों की शर्तें बदलती रहती हैं — हमेशा अपना लोन एग्रीमेंट, Key Fact Statement और RBI जैसे आधिकारिक स्रोत देखें।